💡 GoCMS Explorer Guide: This homepage uses dynamic server-side rendering for optimal speed. Open any article to view inline newsletter inserts, floating WhatsApp/Telegram floats, and click the ⚡ AMP version at the top! Your page load speed and reading duration are currently tracked under dashboard analytics.
हाथियों की बदहाली पर कोर्ट नाराज, अब प्रधान मुख्य वन संरक्षक होंगे हाजिर

हाथियों की बदहाली पर कोर्ट नाराज, अब प्रधान मुख्य वन संरक्षक होंगे हाजिर

77

Mukesh Sharma

Published Jul 02, 2026 at 20:05

समझें क्या है पूरा मामला हाथियों की दुर्दशा पर हाई कोर्ट सख्त, वन प्रमुख हाई कोर्ट…

समझें क्या है पूरा मामला

  • हाथियों की दुर्दशा पर हाई कोर्ट सख्त, वन प्रमुख हाई कोर्ट में तलब।
  • सरकारी विभागों द्वारा एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालने से कोर्ट नाराज।
  • प्रधान मुख्य वन संरक्षक को 23 जुलाई को व्यक्तिगत पेश होने के निर्देश दिए।
  • कोर्ट में बताया, हाथी संरक्षण दिशा-निर्देशों पर राज्य सरकार छुपा रही जानकारी।

राजस्थान हाई कोर्ट हा​थी गांव में रह रहे हाथियों की दुर्दशा को लेकर नाराज दिखा। उसने हाथियों के लिए उचित कदम नहीं उठाने और वन विभाग से किसी वकील के पेश नहीं होने पर कड़ा ऐतराज जताया है। 

कोर्ट ने 23 जुलाई को प्रधान मुख्य वन संरक्षक को व्यक्तिगत रुप से हाजिर होने के निर्देश दिए हैं। एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा व जस्टिस मनीष शर्मा ने यह निर्देश जनहित याचिका की सुनवाई के बाद दिए। 

हाई कोर्ट ने आमेर स्थित हाथी गांव और पर्यटकों को घुमाने वाले हाथियों की दुर्दशा पर स्व:प्रेरणा से प्रसंज्ञान लेकर जनहित याचिका दर्ज की थी। गुरुवार को राज्य सरकार की ओर से एक शपथ पत्र दाखिल किया गया। 

इसमें बताया गया कि हाथी गांव में पशु चिकित्सकों की एक टीम तैनात है। यह टीम हाथियों के स्वास्थ्य की नियमित जांच करती है। जांच में सभी हाथी करीब-करीब स्वस्थ हैं। 

सरकार मूल जानकारी नहीं दे रही 

इस मामले में न्याय मित्र एडवोकेट शोभित तिवाड़ी ने दो शपथ पत्र पेश किए। एक शपथ पत्र में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 2008 में हाथियों के संरक्षण व कल्याण के लिए दिशा-निर्देश बनाए थे। 

इन दिशा-निर्देशों की पालना में हाथी गांव की क्या स्थिति है, यही इस याचिका का मूल उद्देश्य है। राज्य सरकार इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दे रही है। 

क्रूरता के कारण मर चुकी है चंचल हथिनी

एडवोकेट शोभित तिवाड़ी ने कोर्ट को बताया कि मई में आईपीएल मैच के दौरान चंचल नाम की हथिनी को गुलाबी रंग से रंग दिया था। इस क्रूरता के कारण उस ​हथिनी की मौत हो गई थी। 

एक हथिनी को सरकार स्वस्थ बता रही है। सच्चाई यह है कि बीमारी के कारण उसे जामनगर के वंतारा में भेजा गया है। इससे साफ है कि हाथियों की उचित देखभाल नहीं हो रही है। 

एक-दूसरे पर डाली जिम्मेदारी

सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता मनोज शर्मा व माही यादव ने कहा कि इस संबंध में जानकारी वन विभाग देगा। वन विभाग की ओर से कोई वकील हाजिर ही नहीं हुआ है। 

सरकारी विभागों के एक दूसरे पर जिम्मेदारी डालने से कोर्ट नाराज दिखा। उसने प्रधान मुख्य वन संरक्षक को 23 जुलाई को हाजिर होने के निर्देश दिए हैं।

ये भी पढ़ें:-

पूर्व विधायक बलजीत यादव को राजस्थान हाई कोर्ट से झटका, कोर्ट ने नहीं दी जमानत

आसाराम को राजस्थान हाई कोर्ट से मिली राहत, जेल में उचित चिकित्सा सुविधा के आदेश

राजस्थान हाई कोर्ट: 10 हजार सीनियर टीचर्स के प्रमोशन का रास्ता साफ, 28 याचिकाएं खारिज

राजस्थान हाई कोर्ट का आदेश, यौन अपराधों में फोटो-वीडियो सीलबंद लिफाफे में हों पेश

 

77

Mukesh Sharma

Imported from RSS feed.

Comments (0)

No comments yet. Be the first to share your thoughts.

Leave a Comment

Comments are reviewed before they appear publicly.