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उज्जैन में विश्वस्तरीय फॉरेस्ट जू बनेगा, इसमें होंगी 300 वन्यजीव प्रजातियां

उज्जैन में विश्वस्तरीय फॉरेस्ट जू बनेगा, इसमें होंगी 300 वन्यजीव प्रजातियां

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Jitendra Shrivastava

Published Jul 02, 2026 at 18:49

समझें क्या है पूरा मामला... उज्जैन में बनेगा 200 हेक्टेयर का फॉरेस्ट जू। सिंहस्थ 2028 से…

समझें क्या है पूरा मामला...

  • उज्जैन में बनेगा 200 हेक्टेयर का फॉरेस्ट जू।
  • सिंहस्थ 2028 से पहले शुरू होगा पहला चरण।
  • जू में आएंगी 300 से ज्यादा वन्यजीव प्रजातियां।
  • इंडिया जोन में मिलेगा असली जंगल जैसा अनुभव।
  • सड़क पार करने बनेगा हरा-भरा ओवरब्रिज।

उज्जैन के नवलखी वन क्षेत्र में एक बड़ा फॉरेस्ट जू बनेगा। यह करीब 200 हेक्टेयर में फैला होगा। सिंहस्थ 2028 से पहले इसका पहला चरण शुरू होगा। जू में 300 से ज्यादा वन्यजीव प्रजातियां लाई जाएंगी। यह प्रोजेक्ट दो चरणों में पूरा होगा।

नवलखी में बनेगा बड़ा जंगल जू

उज्जैन में नवलखी के आरक्षित वन क्षेत्र में यह फॉरेस्ट जू बनाया जाएगा। वन विभाग का कहना है कि यह देश के सबसे आधुनिक फॉरेस्ट जू में से एक होगा। यहां पर्यटक वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक माहौल में करीब से देख सकेंगे।

यह अनुभव आम चिड़ियाघरों से बिल्कुल अलग होगा। जानवरों को खुले और प्राकृतिक बाड़ों में रखा जाएगा। इससे उनका व्यवहार भी स्वाभाविक बना रहेगा।

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300 प्रजातियां लाने की योजना

उज्जैन वन मंडल के डीएफओ (DFO – District Forest Officer) अनुराग तिवारी ने इस प्रोजेक्ट की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जू में 300 से अधिक वन्यजीव प्रजातियां लाने का प्रस्ताव है।

इस प्रस्ताव को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ( Central Zoo Authority ) के पास भेजा गया था। वहां से इसे सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। अब यह प्रस्ताव प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेजा गया है।

पहले चरण में बनेगा इंडिया जोन

यह पूरी परियोजना दो चरणों में बनाई जाएगी। पहले चरण में करीब 60 हेक्टेयर क्षेत्र में काम होगा। इसे इंडिया जोन नाम दिया गया है। इस जोन में सिर्फ भारत में पाए जाने वाले वन्यजीव रखे जाएंगे।

इन्हें प्राकृतिक वातावरण जैसा माहौल दिया जाएगा। यहां बड़े ड्राइव-थ्रू सफारी क्षेत्र भी बनाए जाएंगे। खुले प्राकृतिक बाड़े और आधुनिक सुविधाएं भी बनेंगी। इससे पर्यटकों को असली जंगल जैसा अनुभव मिलेगा।

दूसरे चरण में जुड़ेगी दुनिया

प्रोजेक्ट के दूसरे चरण को फॉरेस्ट ऑफ द वर्ल्ड थीम पर बनाया जाएगा। इसमें अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और दक्षिण-पूर्व एशिया के वन्यजीव भी शामिल होंगे।

इससे यह जू सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय आकर्षण भी बनेगा। दूर-दूर से पर्यटक यहां आ सकेंगे। इससे उज्जैन में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

सड़क पार करने बनेगा ग्रीन ब्रिज

जू का क्षेत्र उज्जैन फोरलेन और पंचकोशी मार्ग से दो हिस्सों में बंटा हुआ है। इस समस्या को दूर करने के लिए वन विभाग ने खास योजना बनाई है।

विभाग ने 35 मीटर चौड़ा ग्रीन ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। साथ ही एक अंडरपास भी बनाया जाएगा। इससे दोनों हिस्से आपस में जुड़े रहेंगे।

पैदल और सफारी के लिए अलग रास्ते

इस ओवरब्रिज पर पैदल चलने वालों के लिए अलग रास्ता होगा। बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक सफारी के लिए भी अलग मार्ग तय किया जाएगा।

ब्रिज पर घने पेड़-पौधे भी लगाए जाएंगे। इससे शोर और भीड़ का असर वन्यजीवों पर नहीं पड़ेगा। पर्यटकों को भी ब्रिज पार करते समय जंगल जैसा माहौल महसूस होगा।

सिंहस्थ से पहले तैयार होने की योजना

वन विभाग की कोशिश है कि सिंहस्थ 2028 से पहले जू का पहला चरण तैयार हो जाए। इससे सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालु भी इस जू को देख सकेंगे। यह प्रोजेक्ट उज्जैन के पर्यटन नक्शे में एक नया आकर्षण जोड़ेगा। इससे शहर की पहचान और मजबूत होगी।

FAQ

उज्जैन का फॉरेस्ट जू कितने क्षेत्र में बनेगा?
यह जू करीब 200 हेक्टेयर क्षेत्र में बनाया जाएगा। यह नवलखी के आरक्षित वन क्षेत्र में स्थित होगा।
जू में कितनी वन्यजीव प्रजातियां होंगी?
इस जू में 300 से अधिक वन्यजीव प्रजातियां लाने की योजना है। यह प्रस्ताव केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से मंजूर हो चुका है।
जू का पहला चरण कब तक तैयार होगा?
वन विभाग की योजना सिंहस्थ 2028 से पहले पहला चरण पूरा करने की है। पहले चरण में इंडिया जोन बनाया जाएगा।

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