
Bhopal. मध्य प्रदेश में आदिवासी स्कूलों को स्कूल शिक्षा विभाग में मर्ज करने की प्रक्रिया में पेंच फंस गया है। राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने सीएम मोहन यादव को पत्र लिखकर ये कहा है कि स्कूलों के मामले में पहले जैसी व्यवस्था ही रखी जाए।
यानी आदिवासी स्कूलों को स्कूल शिक्षा विभाग में मर्ज न किया जाए। राज्यपाल ने सीएम को यह पत्र मध्य प्रदेश जनजातीय आयोग की आपत्ति के बाद लिखा है।
आयोग ने राज्यपाल से निवेदन किया था कि यह व्यवस्था आदिवासी बच्चों के अनुकूल नहीं होगी इसलिए आदिवासी स्कूलों को जनजातीय विभाग के तहत ही संचालित किया जाए।
जनजातीय आयोग ने गवर्नर को लिखा पत्र :
मध्य प्रदेश सरकार आदिवासी स्कूलों को स्कूल शिक्षा विभाग में हस्तांतरित करने की प्रक्रिया कर रही है। सरकार की मंशा है कि सभी स्कूलों को स्कूल शिक्षा विभाग के तहत ही संचालित किया जाए।
अभी आदिवासी स्कूल जनजातीय विभाग के तहत आते हैं। आदिवासी स्कूलों को स्कूल शिक्षा विभाग में मर्ज करने पर मध्य प्रदेश जनजाति आयोग ने आपत्ति ली है। आयोग ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल को पत्र लिखकर सारी स्थिति बताई है।
आयोग के अध्यक्ष रामलाल रोतेल का कहना है कि आदिवासियों की संस्कृति अलग होती है इस मर्जर से सब कुछ गड़बड़ा जाएगा। उनका कहना है कि आदिवासी स्कूलों की व्यवस्थाएं ठीक जाएं, वहां पर पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति हो जिससे छात्र और बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। मर्जर इसका समाधान नहीं है।
इस मौजूदा व्यवस्था के तहत ही आदिवासी छात्रों ने हाई स्कूल और हायर सेकंडरी स्कूल में 90 फीसदी से ज्यादा सफलता हासिल की है। पत्र में लिखा है कि इस विषय पर परीक्षण कराया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि आदिवासी छात्रों के सामाजिक,सांस्कृतिक और शैक्षणिक हितों पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े इसलिए मौजूदा व्यवस्था को ही मजबूत किया जाए और उसे ही यथावत रखा जाए।
राज्यपाल का सीएम को पत्र :
जानजातीय आयोग के पत्र पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने संज्ञान लिया है। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर इस व्यवस्था को यथावत रखने को कहा है। राज्यपाल ने कहा कि मेरा मत है, कि जनजातीय विद्यार्थियों के शैक्षणिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक हितों की रक्षा तथा अब तक प्राप्त उत्कृष्ट परिणामों की निरन्तरता के लिए जनजातीय कार्य विभाग की वर्तमान पृथक व्यवस्थाओं को यथावत रखा जाये।
आशा है कि इस विषय पर संवेदनशीलता एवं दूरदृष्टि के साथ विचार कर जनजातीय विद्यार्थियों के हितों की रक्षा प्राथमिकता से की जा सकेगी। अब इस संबंध में सीएम मोहन यादव बैठक करने वाले हैं जिसमें इस पर फैसला लिया जाएगा।
यह है आदिवासी स्कूलों की स्थिति :
- 20 जिलों में 88 विकासखंड में 26262 आदिवासी स्कूल
- शिक्षक 111763
- खाली शिक्षकों के पद 18456
- कुल छात्र 2145859
- 1100 हाईस्कूल में से 517 स्कूलों का रिजल्ट 100 फीसदी
- 804 हायर सेकंडरी स्कूल में से 156 स्कूलों का रिजल्ट 100 फीसदी
ये खबरें भी पढ़ें...
बस्तर में आदिवासी समाज का फरमान: चंदा दो, परंपरा निभाओ... नहीं तो बाहर जाओ
🔴Live : मध्यप्रदेश विधानसभा बजट सत्र में राज्यपाल मंगुभाई पटेल का अभिभाषण
Comments (0)
No comments yet. Be the first to share your thoughts.
Leave a Comment
Comments are reviewed before they appear publicly.