समझें क्या है पूरा मामला...
- CM हेल्पलाइन में शिकायत करने पर यूपी के झोलाछाप डॉक्टर ने बुजुर्ग की हत्या कर दी।
- आरोपी डॉक्टर अपने साथियों के साथ लाठी-डंडे लेकर बुजुर्ग के घर धमका था।
- हमलावरों ने बीच-बचाव करने आए महिलाओं और 5 साल के मासूम को भी पीटा।
- गंभीर चोटों के कारण बुजुर्ग घनसू प्रजापति की मौके पर ही मौत हो गई।
- पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समेत सभी 5 हमलावरों को दबोचा।
मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में एक 70 साल के बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या हुई। वजह थी CM हेल्पलाइन में की गई शिकायत। यूपी के एक झोलाछाप डॉक्टर ने अपने साथियों के साथ हमला किया। बुजुर्ग की मौके पर मौत हो गई। परिवार के 4 अन्य सदस्य भी बुरी तरह घायल हुए।
टीकमगढ़ जिले के कंचनपुरा गांव में एक शिकायत ने पूरे परिवार को दहला दिया। यहां रहने वाले घनसू प्रजापति (70) ने CM हेल्पलाइन में झोलाछाप डॉक्टर की शिकायत दर्ज कराई थी। इसी बात से नाराज होकर झोलाछाप डॉक्टर ने अपने साथियोंं के साथ मिलकर घर पर हमला बोल दिया। पूरे परिवार के साथ बेरहमी से मारपीट की गई।
शिकायत बनी मौत की वजह
मोहनगढ़ पुलिस के मुताबिक 1 जुलाई की रात आरोपी प्रकाश कुशवाहा अपने 4 साथियों के साथ घर पहुंचा। उसने पूछा कि CM हेल्पलाइन में शिकायत क्यों की। फिर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया।
घनसू प्रजापति ने दबाव मानने से इनकार कर दिया। इसी बात पर बहस बढ़ गई। आरोपियों ने गुस्से में हमला शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामूली बहस बड़ी हिंसा में बदल गई।
पूरे परिवार पर टूटा कहर
हमला सिर्फ बुजुर्ग तक सीमित नहीं रहा। बीच-बचाव करने आई पत्नी को भी पीटा गया। बेटे और बहू पर भी लाठियां बरसाई गईं। सबसे दर्दनाक पल तब आया जब 5 साल के मासूम नाती को भी नहीं बख्शा गया।
परिवार चीखता-चिल्लाता रहा, लेकिन आरोपी रुके नहीं। एक-एक करके सभी को बुरी तरह पीटा गया। पड़ोसियों ने शोर सुनकर मदद की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत नुकसान हो चुका था।
बुजुर्ग की मौके पर मौत
पिटाई इतनी बेरहम थी कि घनसू प्रजापति की मौके पर ही जान चली गई। बाकी चारों घायल गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाए गए। फिलहाल सभी का इलाज चल रहा है। हमले के बाद आरोपी घबरा गए। वे रात के अंधेरे में शव घर के सामने फेंककर फरार हो गए। सुबह गांव वालों ने शव देखा और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
घटना की सूचना मिलते ही मोहनगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों की शिकायत पर तुरंत एफआईआर (FIR – First Information Report) दर्ज की गई। इसके आधार पर जांच शुरू हुई।
जतारा एसडीओपी (SDOP – Sub Divisional Officer of Police) अभिषेक गौतम ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीमें बनाई गईं। पुलिस टीमों ने अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। कुछ ही घंटों में सभी 5 आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए।
कौन हैं आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में मास्टरमाइंड झोलाछाप डॉक्टर प्रकाश कुशवाहा (36) और चंद्रभान कुशवाहा (42) शामिल हैं। दोनों उत्तर प्रदेश (UP – Uttar Pradesh) के ललितपुर जिले के रहने वाले हैं। बाकी तीन आरोपी खुशीराम यादव (48), रामराजा यादव (25) और विद्याधर यादव (58) मध्य प्रदेश (MP – Madhya Pradesh) के अलग-अलग इलाकों से हैं।
सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सभी को जेल भेज दिया है। पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
यह घटना दिखाती है कि सरकारी शिकायत तंत्र का इस्तेमाल करने वालों को भी खतरा झेलना पड़ सकता है। ग्रामीण इलाकों में ऐसी घटनाएं प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती हैं। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा गुस्सा और डर दोनों देखा जा रहा है।
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