💡 GoCMS Explorer Guide: This homepage uses dynamic server-side rendering for optimal speed. Open any article to view inline newsletter inserts, floating WhatsApp/Telegram floats, and click the ⚡ AMP version at the top! Your page load speed and reading duration are currently tracked under dashboard analytics.
भाजयुमो नेता रवि भगत का इस्तीफा, छत्तीसगढ़ राजनीति में मची हलचल

भाजयुमो नेता रवि भगत का इस्तीफा, छत्तीसगढ़ राजनीति में मची हलचल

65

Aishwarya Dwivedi

Published Jul 02, 2026 at 16:09

समझें क्या है पूरा मामला भाजयुमो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने बीजेपी छोड़ दी…

समझें क्या है पूरा मामला

भाजयुमो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने बीजेपी छोड़ दी है। उन्होंने मंडल अध्यक्ष को इस्तीफा पत्र भेजा है। पत्र में निजी कारणों का हवाला दिया गया है। इस्तीफा वायरल होते ही सियासी हलचल तेज हो गई। एक साल पहले भी उन्हें पार्टी से कारण बताओ नोटिस मिला था।छत्तीसगढ़ बीजेपी के सीनियर नेता रवि भगत ने पार्टी से नाता तोड़ लिया है। वे भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। उनका यह फैसला अचानक सामने आया है।

इस्तीफा पत्र में क्या लिखा रवि भगत ने 

भाजयुमो नेता रवि भगत का इस्तीफा

अपना इस्तीफा पत्र मंडल अध्यक्ष रमेश होता को भेजा है। पत्र में उन्होंने साफ तौर पर निजी कारणों का जिक्र किया है। बीजेपी छोड़ने की कोई और वजह पत्र में नहीं बताई गई।उन्होंने पत्र में यह भी लिखा कि एक छोटे गांव का कार्यकर्ता होने के बावजूद पार्टी ने उन्हें पहचान दी। इसके लिए उन्होंने बीजेपी का आभार भी जताया। यह पत्र सामने आते ही तेजी से वायरल हो गया। रवि भगत रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र से जुड़े हैं। युवा मोर्चा की जिम्मेदारी से हटने के बाद वे इसी इलाके में सक्रिय थे। इस दौरान उनके साथ क्या हुआ, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

किन-किन को भेजी गई प्रति

रवि भगत ने अपने इस्तीफा पत्र की प्रतिलिपि सिर्फ मंडल अध्यक्ष तक सीमित नहीं रखी। उन्होंने यह पत्र बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी भेजा है। साथ ही प्रदेश अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष को भी प्रति भेजी गई है।

1 जुलाई को उन्होंने सोशल मीडिया पर इस्तीफे की जानकारी दी थी। इसके एक दिन बाद यह पत्र सार्वजनिक तौर पर वायरल हुआ। अब तक पार्टी की तरफ से इस पर कोई बयान नहीं आया है।

पहले भी मिली थी सख्ती

26 जुलाई 2025 को बीजेपी प्रदेश कार्यालय ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा था। नोटिस में सोशल मीडिया पर पार्टी की नीतियों के खिलाफ टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया था। प्रदेश महामंत्री और मुख्यालय प्रभारी जगदीश रोहरा ने उस समय तीन दिन के भीतर जवाब मांगा था। यह भी साफ किया गया था कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर सदस्यता रद्द हो सकती है। इसी घटनाक्रम को अब उनके इस्तीफे से जोड़कर देखा जा रहा है।

बीजेपी ने भेजा कारण बताओं नोटिस

आगे क्या हो सकता है

रवि भगत के इस्तीफे के बाद प्रदेश की राजनीति में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पार्टी की तरफ से आधिकारिक प्रतिक्रिया का अभी इंतजार है। यह देखना दिलचस्प होगा कि रवि भगत आगे किस दिशा में कदम बढ़ाते हैं।लैलूंगा क्षेत्र में उनकी सक्रियता को देखते हुए स्थानीय स्तर पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल पूरी स्थिति साफ होने में कुछ समय लग सकता है।

FAQ

रवि भगत कौन हैं?
रवि भगत छत्तीसगढ़ बीजेपी के सीनियर नेता हैं। वे भाजयुमो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। वे रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र से जुड़े हैं।
रवि भगत ने बीजेपी क्यों छोड़ी?
उन्होंने इस्तीफा पत्र में सिर्फ निजी कारणों का हवाला दिया है। कोई और वजह पत्र में स्पष्ट नहीं की गई है। पार्टी की तरफ से अभी कोई बयान नहीं आया है।
क्या पहले भी रवि भगत को नोटिस मिला था?
हां, 26 जुलाई 2025 को उन्हें कारण बताओ नोटिस मिला था। यह नोटिस सोशल मीडिया टिप्पणियों को लेकर जारी हुआ था। इसी घटनाक्रम को अब इस्तीफे से जोड़ा जा रहा है।

ये खबरें भी पढ़ें...

युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत को शोकॉज नोटिस, जवाब के लिए 7 दिन का अल्टीमेटम

बीजेपी की टीम में हो सकती है अभिषेक सिंह की इंट्री, रवि भगत की छुट्टी, नंदन, पवन बरकरार

जस्टिस यशवंत वर्मा ने दिया इस्तीफा: जले नोटों से शुरू हुआ विवाद इस्तीफे पर खत्म! जानें पूरा मामला

इंडिया गठबंधन की बैठक: NEET मामले में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

65

Aishwarya Dwivedi

Imported from RSS feed.

Comments (0)

No comments yet. Be the first to share your thoughts.

Leave a Comment

Comments are reviewed before they appear publicly.