समझें क्या है पूरा मामला...
- राम मंदिर से सोने की रामचरितमानस गायब, बड़ा दावा।
- पूर्व IAS बोले, 5 करोड़ की रामायण चोरी हुई।
- चंपत राय ने कहा, मैं कुछ नहीं कर सकता।
- शंकराचार्य ने कहा, चोरी करके इस्तीफा नहीं चलेगा।
- 6 जुलाई की बैठक में तय होगा इस्तीफे का फैसला।
अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला गरमाया हुआ है। इसी बीच पूर्व केंद्रीय गृह सचिव लक्ष्मी नारायण ने नया दावा किया है। उन्होंने कहा कि उनकी सोने से मढ़ी रामचरितमानस चोरी हो गई। यह रामचरितमानस उन्होंने 8 अप्रैल 2024 को मंदिर ट्रस्ट को भेंट की थी। आज तक उन्हें इसकी रसीद तक नहीं मिली है।
सवा क्विंटल की रामचरितमानस
लक्ष्मी नारायण ने बताया कि उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट को सवा क्विंटल वजन की रामचरितमानस भेंट की थी। इस ग्रंथ के 1000 पन्नों पर 24 कैरेट सोने की परत चढ़ाई गई थी। इसकी अनुमानित कीमत करीब 5 करोड़ रुपए बताई गई है। उनका कहना है कि भेंट के 3 से 4 महीने बाद यह रामचरितमानस मंदिर से गायब हो गई।
चंपत राय से मुलाकात का दावा
पूर्व IAS ने एक मीडिया चैनल से बातचीत में पूरा घटनाक्रम बताया। उन्होंने कहा कि जब वे अयोध्या पहुंचे, तो चंपत राय ने उन्हें 9 घंटे इंतजार करवाया। उन्होंने हाथ जोड़कर चंपत राय से अनुरोध किया था। उनका कहना था कि यह उनकी पूरी जिंदगी की पूंजी है, इसे मंदिर में सुरक्षित रखवा दिया जाए।
इसके जवाब में चंपत राय ने कहा कि उनके पास कई लोगों के आभूषण और अन्य चीजें आती रहती हैं। उन्होंने पूछा कि क्या वे सिर्फ इन्हीं चीजों का डिस्प्ले करते रहें। यह जवाब सुनकर लक्ष्मी नारायण संतुष्ट नहीं हुए।
ट्रस्ट पदाधिकारियों से संपर्क बेनतीजा
लक्ष्मी नारायण ने बताया कि इसके बाद उन्होंने मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा से संपर्क किया। उन्होंने ट्रस्ट मेंबर गोपाल राव से भी बात की। लेकिन उनके मुताबिक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वे दोबारा अयोध्या गए थे।
इस बार भी उन्हें करीब 4 घंटे इंतजार करना पड़ा। इसके बाद चंपत राय से मुलाकात हुई। उनका आरोप है कि चंपत राय ने साफ कह दिया कि वे कुछ नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि जहां जाना है, वहां जाइए।
ट्रस्ट की 6 जुलाई को बैठक
राम मंदिर ट्रस्ट ने शनिवार को अपनी आगामी बैठक का एजेंडा जारी किया। यह बैठक 6 जुलाई को होनी है। इसमें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे पर फैसला लिया जाएगा। न्यासी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर भी चर्चा होगी।
इसके अलावा बैठक में SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) की शुरुआती रिपोर्ट पर भी बात होगी। मंदिर प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की जाएगी। यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि चोरी के आरोपों के बाद ट्रस्ट पर सवाल उठ रहे हैं।
शंकराचार्य का तीखा तंज
चंपत राय के इस्तीफे की खबर पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल किया कि क्या इतने बड़े भगवान के दरबार में चोरी करके इस्तीफा देने से छुट्टी मिल जाएगी। उन्होंने इसे नाटक करार दिया।
शंकराचार्य ने आगे कहा कि अगर सरकार ने आरोपियों को जेल नहीं भेजा। अगर सही सजा नहीं दिलवाई गई, तो जनता खुद इनसे निपटेगी। उनके इस बयान के बाद विवाद और गहरा गया है। पूरे मामले में अब SIT की जांच रिपोर्ट पर सबकी नजर टिकी है।
एक्सपर्ट कोट्स
- लक्ष्मी नारायण, पूर्व केंद्रीय गृह सचिव: "मैंने हाथ जोड़कर कहा, सर मेरी पूरी जिंदगी की पूंजी है। रामचरितमानस को मंदिर में रखवा दीजिए।"
- चंपत राय, महासचिव, राम मंदिर ट्रस्ट: "मेरे पास कई लोगों के आभूषण और कई तरह की चीजें आती हैं, तो क्या मैं सिर्फ इन्हीं सबका डिस्प्ले करता रहूं।"
- शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद: "क्या इतने बड़े भगवान के दरबार में चोरी करके इस्तीफा देने से छुट्टी मिल जाएगी? पीटे जाओगे।"
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