💡 GoCMS Explorer Guide: This homepage uses dynamic server-side rendering for optimal speed. Open any article to view inline newsletter inserts, floating WhatsApp/Telegram floats, and click the ⚡ AMP version at the top! Your page load speed and reading duration are currently tracked under dashboard analytics.
पाकिस्तान से बिटकॉइन लेकर जासूसों को फंड भेजता था रफीक, CID ने किया गिरफ्तार

पाकिस्तान से बिटकॉइन लेकर जासूसों को फंड भेजता था रफीक, CID ने किया गिरफ्तार

74

Jageshwar prasad

Published Jul 02, 2026 at 18:40

समझें क्या है पूरा मामला पाकिस्तान से आते थे बिटकॉइन, रुपए में बदलकर जासूसों को…

समझें क्या है पूरा मामला

  • पाकिस्तान से आते थे बिटकॉइन, रुपए में बदलकर जासूसों को देता था रफीक।
  • औरंगाबाद निवासी रफीक 4 साल से ISI हैंडलर से जुड़ा, CID ने किया गिरफ्तार।
  • जैसलमेर से पकड़े गए जासूस झबराराम और एयरफोर्स कर्मचारी सुमित से जुड़े तार।
  • जासूसी नेटवर्क के फंड के लिए अपने और दूसरों के नाम पर बैंक खाते खुलवाए।
  • ISI के जासूसी नेटवर्क का फंडिंग मॉड्यूल उजागर, और खुलासे की आशंका।

राजस्थान सीआईडी इंटेलिजेंस ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद से रफीक चांद शेख को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह चार साल से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (ISI) के लिए फंडिंग कर रहा था। 

पाकिस्तान से बिटकॉइन मंगाता और उसे भारतीय रुपए में बदलकर जासूसों को देता था। उसके तार जैसलमेर के झबराराम और असम के सुमित कुमार से जुड़े निकले। अदालत ने उसे 7 जुलाई तक छह दिन के रिमांड पर भेजा है।

सोशल मीडिया से ISI से जुड़ा रफीक

राजस्थान सीआईडी इंटेलिजेंस के अनुसार रफीक सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (ISI) के हैंडलर्स के संपर्क में आया था। यह संपर्क करीब चार साल पहले शुरू हुआ। 

इसके बाद उसने अपने और दूसरे लोगों के नाम से बैंक खाते खुलवाए। इन्हीं खातों के जरिए वह जासूसों तक रकम पहुंचाता था। 

बिटकॉइन से रुपए, रुपए से जासूसी

रफीक के काम करने का तरीका बेहद शातिर था। पाकिस्तान से बिटकॉइन (एक डिजिटल क्रिप्टोकरेंसी) के रूप में रकम आती थी। रफीक इसे भारतीय मुद्रा यानी रुपए में कन्वर्ट करवाता था। 

इसके बाद यह रकम उन लोगों तक पहुंचाई जाती जो पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहे थे। बदले में जासूस सामरिक महत्व की गोपनीय जानकारियां पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजते थे।

झबराराम और सुमित कुमार से निकले तार

राजस्थान सीआईडी के स्पेशल पीपी सुदेश कुमार सतवान ने बताया कि इस साल जैसलमेर से झबराराम को गिरफ्तार किया गया था। साथ ही असम के डिब्रूगढ़ स्थित एयरफोर्स स्टेशन के एमटीएस कर्मचारी सुमित कुमार को भी पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़ा गया था।

इन दोनों पर सामरिक महत्व की गोपनीय जानकारियां पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजने का आरोप है। जांच में सामने आया कि दोनों को रफीक ही फंडिंग करता था। इसी आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया।

औरंगाबाद में मौका तस्दीक होगी

कोर्ट में पेश करने के बाद सीआईडी इंटेलिजेंस की टीम रफीक को वापस औरंगाबाद ले गई। वहां उससे मौका तस्दीक करवाई जाएगी और नक्शा तैयार किया जाएगा।यह प्रक्रिया उसके नेटवर्क की पूरी कड़ी जोड़ने में मदद करेगी।

पूरे देश में फैले नेटवर्क की जांच

जांच एजेंसी को शक है कि रफीक का नेटवर्क देशभर में फैला था। वह सिर्फ झबराराम और सुमित को नहीं बल्कि और भी जासूसों को फंडिंग करता रहा होगा।

राजस्थान सीआईडी अब पूरे नेटवर्क की फाइनेंशियल ट्रेल (Financial Trail – वित्तीय लेन-देन का पूरा रिकॉर्ड) खंगाल रही है। आने वाले दिनों में इस मॉड्यूल से जुड़े कई और खुलासे हो सकते हैं।

ये भी पढ़ें:-

बॉर्डर पर आईएसआई जासूस झबराराम गिरफ्तार, इस तरह दे रहा था खुफिया जानकारी

बड़ा जासूसी नेटवर्क ध्वस्त, पाकिस्तान भेजा जा रहा था सेना का लाइव फुटेज, छावनियों में लगाए थे सोलर कैमरे

दवाओं की क्वालिटी पर सरकार सख्त, जांच पास होने पर ही होगी सप्लाई

वीआईपी वाहनों के नाम पर फर्जी फ्यूल बिल, स्टेट मोटर गैराज में बड़ा घपला

 

  

74

Jageshwar prasad

Imported from RSS feed.

Comments (0)

No comments yet. Be the first to share your thoughts.

Leave a Comment

Comments are reviewed before they appear publicly.