Raipur : नकटी को लेकर सियासत लगातार तेज़ होती जा रही है। विपक्षी पार्टियां सरकार को निशाने पर ले रही है। आम आदमी पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आप का कहना है कि जिस जगह पर गरीबों के घर गिराए गए हैं वहां पर एक प्रभावशाली मंत्री के परिवार की 25 एकड़ जमीन है। इसके अलावा पूर्व स्पीकर के परिवार की भी 35 एकड़ जमीन है। वहां पर कई बिल्डरों की भी ज़मीनें हैं। इसीलिए नकटी से सारे गरीब परिवारों को बाहर किया गया है।
आप का आरोप
आम आदमी पार्टी (आप) ने राज्य सरकार पर गरीब और आदिवासी परिवारों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाते हुए मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि प्रशासन ने बिना मानवीय दृष्टिकोण अपनाए लोगों के घर तोड़ दिए, जिससे दर्जनों परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों ने कहा कि पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल हाल ही में नकटी-सम्मानपुर पहुंचा था, जहां प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी गईं। प्रतिनिधिमंडल का दावा है कि कई परिवार वर्षों से वहां रह रहे थे और उनके पास बिजली, पानी तथा अन्य सरकारी सुविधाएं भी उपलब्ध थीं। इसके बावजूद प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई करते हुए उनके आशियाने ध्वस्त कर दिए।
विकास के नाम पर उजड़ गए घर
पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार विकास के नाम पर गरीबों को उजाड़ रही है, जबकि उनके पुनर्वास की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। उनका कहना है कि जिन परिवारों के घर तोड़े गए, उनमें बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे शामिल हैं। ऐसे लोगों को अचानक बेघर कर देना संवेदनहीनता को दर्शाता है।
आप नेताओं ने कहा कि यदि जमीन को लेकर कोई विवाद था तो सरकार को पहले वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराना चाहिए था। बिना पुनर्वास के लोगों को बेघर करना सामाजिक न्याय और मानवीय मूल्यों के खिलाफ है। पार्टी ने सरकार से मांग की कि सभी प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत राशि, रहने की अस्थायी व्यवस्था और स्थायी पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए।
निशाने पर मंत्री
पार्टी का आरोप है कि जिस क्षेत्र में यह कार्रवाई हुई, वहां के जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना चाहिए था। आप नेताओं ने कहा कि यदि मंत्री इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी नहीं लेते हैं तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
मामले की जांच की मांग
पार्टी ने यह भी मांग की कि बुलडोजर कार्रवाई की न्यायिक या उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच कराई जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि प्रशासन ने सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया था या नहीं। यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उधर नकटी बुलडोजर कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस मामले में सत्तारूढ़ दल के भीतर से भी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। इससे यह मुद्दा केवल स्थानीय प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रदेश की राजनीति का बड़ा विषय बन गया है।
आंदोलन की चेतावनी
आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि प्रभावित परिवारों को जल्द न्याय नहीं मिला तो वह राज्यभर में आंदोलन करेगी। पार्टी का कहना है कि गरीबों और आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए वह सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। फिलहाल नकटी की बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सियासी घमासान तेज है और आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक तूल पकड़ सकता है।
IMP FACTS
नकटी बुलडोजर कार्रवाई पर सियासत तेज हो गई है।
AAP ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
AAP का दावा है कि वहां मंत्री परिवार की 25 एकड़ जमीन है।
पूर्व स्पीकर परिवार की 35 एकड़ कृषि भूमि होने का भी आरोप है।
पार्टी का आरोप है कि गरीब परिवारों को बिना पुनर्वास हटाया गया।
प्रभावित परिवारों में महिलाएं बुजुर्ग और बच्चे शामिल बताए गए।
AAP ने राहत राशि और अस्थायी व्यवस्था की मांग की है।
पार्टी ने स्थायी पुनर्वास उपलब्ध कराने की मांग रखी है।
बुलडोजर कार्रवाई की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।
AAP ने न्याय नहीं मिलने पर राज्यभर में आंदोलन की चेतावनी दी है।
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