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जबलपुर क्रूज हादसा: जांच आयोग ने इंजन-जनरेटर सुरक्षित रखने के दिए निर्देश

जबलपुर क्रूज हादसा: जांच आयोग ने इंजन-जनरेटर सुरक्षित रखने के दिए निर्देश

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Jitendra Shrivastava

Published Jul 02, 2026 at 17:43

समझें क्या है पूरा मामला... जबलपुर क्रूज हादसा , इंजन-जनरेटर सुरक्षित रखने के आदेश।…

समझें क्या है पूरा मामला...

  • जबलपुर क्रूज हादसा, इंजन-जनरेटर सुरक्षित रखने के आदेश।
  • जलस्तर बढ़ने से साक्ष्य डूबने की आशंका जताई गई।
  • दो महीने बाद आया फैसला, उठे सवाल भी।
  • जस्टिस द्विवेदी आयोग ने तहसीलदार को दी जिम्मेदारी।
  • 13 लोगों की जान लेने वाला हादसा अब भी जांच में।

जबलपुर के बरगी क्रूज हादसे की जांच जारी है। जांच आयोग ने पर्यटन विभाग को निर्देश दिए हैं। दुर्घटनाग्रस्त क्रूज के इंजन और जनरेटर को सुरक्षित स्थान पर रखा जाएगा। बारिश में बांध का जलस्तर बढ़ने से साक्ष्य डूबने का खतरा है। इस हादसे में 13 लोगों की जान गई थी।

जांच आयोग का बड़ा फैसला

बरगी क्रूज हादसे की जांच कर रहे आयोग ने अहम निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने पर्यटन विभाग से कहा है कि क्रूज के दोनों इंजन हटाए जाएं। साथ ही जनरेटर को भी सुरक्षित स्थान पर रखा जाए।

आयोग को आशंका है कि बारिश के मौसम में बरगी बांध का जलस्तर काफी बढ़ सकता है। ऐसे में मौके पर पड़े ये जरूरी उपकरण पानी में डूब सकते हैं। इससे जांच के अहम साक्ष्य नष्ट होने का खतरा बना हुआ है।

भविष्य में हो सकती है तकनीकी जांच

जस्टिस संजय द्विवेदी इस जांच आयोग की अध्यक्षता कर रहे हैं। आयोग का कहना है कि आगे जरूरत पड़ने पर इंजन और जनरेटर की तकनीकी जांच कराई जा सकती है। इसी वजह से इन्हें अभी सुरक्षित रखना जरूरी माना गया है।

आयोग ने यह भी कहा है कि क्रूज के अन्य अवशेषों को भी सुरक्षा से रखा जाए। इनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित तहसीलदार को सौंपी गई है। तहसीलदार अब इस काम की निगरानी करेंगे।

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छेड़छाड़ की आशंका पर उठे सवाल

आयोग के इस निर्देश पर कुछ लोगों ने सवाल भी खड़े किए हैं। उनका कहना है कि हादसे को दो महीने से ज्यादा समय बीत चुका है।

इतने लंबे समय में इंजन और जनरेटर के साथ छेड़छाड़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में कुछ लोगों का मानना है कि यह फैसला बहुत देर से लिया गया है। इससे साक्ष्यों की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ सकता है।

पहले भी जताई गई थी आपत्ति

इससे पहले नागरिक उपभोक्ता मंच ने भी आयोग के सामने अपनी चिंता रखी थी। मंच ने आशंका जताई थी कि बांध का जलस्तर बढ़ने पर दुर्घटनास्थल के साक्ष्य डूब सकते हैं।

मंच का कहना था कि इससे हादसे के असली कारणों का पता लगाना मुश्किल हो सकता है। यही आशंका अब आयोग के निर्देश में भी झलकती दिख रही है।

हादसे में गई थी 13 लोगों की जान

बरगी क्रूज हादसे में कुल 13 लोगों की डूबने से मौत हुई थी। यह हादसा जबलपुर के बरगी बांध क्षेत्र में हुआ था। घटना के बाद राज्य सरकार ने तुरंत जांच आयोग बनाने का फैसला लिया।

जस्टिस संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में यह आयोग बनाया गया। आयोग अब हादसे के हर पहलू की गहराई से जांच कर रहा है। जल्द ही विशेषज्ञों की मदद से क्रूज की तकनीकी जांच भी शुरू होगी।

आगे क्या होगा

अब सभी की नजरें आयोग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। इंजन और जनरेटर को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का काम जल्द शुरू हो सकता है। तकनीकी जांच से हादसे की असली वजह सामने आने की उम्मीद है। इससे पीड़ित परिवारों को भी इंसाफ मिलने की आस बंधी है।

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