
INDORE. भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार शनिवार दोपहर इंदौर पहुंचे। यहां अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि देवी अहिल्याबाई की नगरी में आना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में बीएलओ की प्रतिबद्धता और परिश्रम का महत्वपूर्ण योगदान है।
ज्ञानेश कुमार क्यों बोले बंगाल में किया अष्टांग योग
बीएलओ से संवाद कार्यक्रम के दौरान बात पश्चिम बंगाल की उठी। इस पर ज्ञानेश कुमार ने कहा कि वहां हमने अष्टांग योग किया। बंगाल में कोई भी किसी की जगह वोट डाल देता था, सुरक्षा बल के जाने में व्यवधान होता था, बैरिकेडिंग होती थी और कई समस्याएं थी। लेकिन इस बार हमने अष्टांग योग कर दिया और वहां अब ऐसी कोई समस्या नहीं है।
SIR के कारण अब देश में रण नहीं होगा
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि देश में सफलतापूर्वक एसआईआर को लागू किया है। इसके कारण अब देश में रण नहीं होगा। इसे उन्होंने महाभारत के किस्से से सुनाया। कुमार ने कहा कि पांडव, कौरव के पास पांच गांव मांगने गए थे, लेकिन नहीं दिया तो महाभारत का रण हुआ।
ऐसे ही हमने एसआईआर के जरिए पांच चीजों को मतदाता सूची में ठीक किया है, इसके चलते रण नहीं होगा। मतदाता सूची से अनुपस्थित मतदाता, मृत, ट्रांसफर, बाहरी लोगों को बाहर किया है, इसलिए अब रण नहीं होगा।
आधार कार्ड को मतदाता सूची से लिंक क्यों नहीं किया
एक बीएलओ ने ज्ञानेश कुमार से संवाद में सवाल पूछा कि आधार कार्ड को मतदाता सूची से लिंक क्यों नहीं किया गया। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि आधार कार्ड नागरिकता का दस्तावेज नहीं है यह केवल पहचान का दस्तावेज है कि इनकी रेटिना ऐसी है, फिंगर प्रिंट ये हैं आदि। इसलिए इसे लिंक नहीं किया गया है।
मैंने कहा देखो भाईजान-
ज्ञानेश कुमार ने एक जगह भाईजान शब्द का भी उपयोग किया। दरअसल बात एसआईआर को लेकर हो रही थी जिसे लेकर काफी आलोचना चली। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि जब हमने इसका फैसला लिया तो हर दिन कहीं ना कहीं मीडिया चैनल पर इसकी कोई आलोचना करता और कहता कि चुनाव आयोग को इसके अधिकार नहीं है।
फिर मैंने अपने अधीनस्थों से कहा कि इन्हें आयोग बुलाओ और बताओ। वह आए और हमने कहा देखो भाईजान, फिर सारे नियम बताए। लेकिन थोड़े-थोड़े दिन में फिर कहीं ना कहीं से बात उठती। लेकिन हमने इसे सफलतापूर्वक करके दिखाया। इससे वोटिंग प्रतिशत भी बड़ा है। चाहे बिहार हो या बंगाल, हर जगह वोटिंग प्रतिशत में बढ़ोतरी हुई।
लोकतंत्र की सफलता में हर चुनाव कर्मी अहम
उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के नेतृत्व में संभागायुक्तों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ERO) और बीएलओ ने मिलकर उत्कृष्ट कार्य किया है। मप्र ने इसमें काफी बेहतर काम किया है।
अन्य राज्यों में जहां गाइड करना पड़ा या कोई एक्शन लेना हुआ लेकिन मप्र में इसकी जरूरत नहीं पड़ी। लोकतंत्र में सबसे अहम कड़ी होती है बीएलओ। देश में चुनाव कराने में 1.80 करोड़ कर्मचारी लगते हैं, इतनी तो दुनिया में कई देशों की जनसंख्या भी नहीं है। हमारे एसआईआर को समझने के लिए यूएस तक के लोग आए थे।
ओंकारेश्वर पहुंचे, कल महेशवर जाएंगे
ज्ञानेश कुमार इंदौर के बाद ओंकारेशवर रवाना हो गए। वहां मंदिर में दर्शन करेंगे और नाइट स्टे करेंगे। फिर सुबह भी दर्शन, पूजा करेंगे। इसके बाद रविवार को वह महेशवर जाएंगे। रविवार शाम को इंदौर आकर दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
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23 साल बाद पूरा हुआ ओंकारेश्वर दर्शन का संकल्प
भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार,राज्य के दो दिवसीय प्रवास के दौरान शनिवार को मां नर्मदा के पावन तट पर स्थित तीर्थनगरी ओंकारेश्वर पहुंचे। ओंकारेश्वर पहुंच कर उन्होंने श्रद्धा एवं विधि-विधान के साथ भगवान शिव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
ओंकारेश्वर प्रवास के दौरान उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से सौहार्दपूर्ण चर्चा भी की। मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री कुमार ने कहा कि आज का दिन उनके जीवन का अत्यंत विशेष, भावनात्मक एवं अविस्मरणीय दिवस है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 में उन्होंने संकल्प लिया था कि जीवन में 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करेंगे। इस संकल्प की पूर्ति वर्ष 2026 में श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के साथ संपन्न हुई। लगभग 23 वर्षों की इस लंबी आध्यात्मिक यात्रा के पूर्ण होने पर उन्होंने भगवान महादेव के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सब उनकी असीम कृपा से संभव हो सका।
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