समझें क्या है पूरा मामला...
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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का वडोदरा-मुंबई सेक्शन 31 अगस्त तक चालू होने की उम्मीद है।
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह जानकारी दी है।
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इस सेक्शन के खुलने से मध्य प्रदेश एक बड़ा कनेक्टिविटी लिंक मिल जाएगा।
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एमपी से मुंबई जाने वाले वाहनों को सबसे ज्यादा फायदा होगा।
देश की सबसे बड़ी सड़क परियोजना
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे हमारे देश की सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में से एक है। यह लगभग 1,350 से 1,400 किलोमीटर लंबा एक विशाल रोड नेटवर्क है।
यह पूरा एक्सप्रेसवे आठ लेन का है। इसे पूरी तरह से एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के रूप में तैयार किया गया है।
यह एक्सप्रेसवे देश के 6 बड़े राज्यों को आपस में जोड़ता है।
- दिल्ली
- हरियाणा
- राजस्थान
- मध्य प्रदेश
- गुजरात
- महाराष्ट्र
मध्य प्रदेश में एक्सप्रेसवे का रूट
मध्य प्रदेश में इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 244 किलोमीटर है। राज्य में यह मुख्य रूप से तीन बड़े जिलों से होकर गुजरता है।
- मंदसौर
- रतलाम
- झाबुआ
मध्य प्रदेश को क्या फायदे होंगे?
अभी तक इस एक्सप्रेसवे के कई हिस्से तो चालू हो चुके थे, लेकिन गुजरात के वडोदरा से मुंबई के बीच का लिंक अधूरा था। इस वजह से गाड़ियों को मुंबई तक निर्बाध यानी बिना रुके हाई-स्पीड कनेक्टिविटी नहीं मिल पा रही थी।
अब महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस के अनुसार, महाराष्ट्र में वडोदरा-मुंबई कॉरिडोर का 157 किलोमीटर का हिस्सा 31 अगस्त तक खोलने की पूरी तैयारी है।
इस हिस्सा के खुलते ही मध्य प्रदेश को कई बड़े फायदे मिलेंगे।
परिवहन लागत में आएगी बड़ी कमी
मध्य प्रदेश के मालवा इलाके के उद्योगों, कृषि उत्पादऔर लॉजिस्टिक्स सेक्टरके लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। रास्ता सीधा और सुगम होने से सामान को एक जगह से दूसरी जगह भेजने का खर्च बहुत कम हो जाएगा।
जेएनपीए पोर्ट तक जल्दी पहुंचेगा निर्यात माल
मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी पोर्ट तक कंटेनर और एक्सपोर्ट यानी निर्यात होने वाला माल अब पहले के मुकाबले बहुत ही कम समय में पहुंच जाएगा। इससे व्यापार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा मिलेगा।
समय और ईंधन की भारी बचत
दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर पर चलने वाले ट्रकों और अन्य गाड़ियों को अब पुराने हाईवे पर भटकना नहीं पड़ेगा। नए रास्ते से जाने पर गाड़ियों का ईंधन यानी डीजल-पेट्रोल भी कम खर्च होगा। समय की भी बड़ी बचत होगी।
नए औद्योगिक क्षेत्रों को लाभ
आने वाले समय में इस कॉरिडोर का सीधा फायदा मध्य प्रदेश के पीथमपुर, इंदौर और देवास के औद्योगिक क्षेत्रों को भी मिलेगा। इन शहरों के उद्योग सीधे इस एक्सप्रेसवे नेटवर्क से लाभान्वित होंगे।
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