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सरकार और संचालकों में बनी सहमति, पीडीएस संघ बोला, धन्यवाद द सूत्र

By VINAY VERMA | Jul 02, 2026
Raipur।  छत्तीसगढ़ में 5 जुलाई से प्रस्तावित शासकीय राशन दुकान संचालकों की हड़ताल टल गई…

Raipur। छत्तीसगढ़ में 5 जुलाई से प्रस्तावित शासकीय राशन दुकान संचालकों की हड़ताल टल गई है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी कर रहे पीडीएस संचालकों और सरकार के बीच सहमति बन गई। छत्तीसगढ़ पीडीएस संचालक संघ ने हड़ताल स्थगित करने का ऐलान किया। संघ ने कहा कि सरकार ने उनकी अधिकांश मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया है और शेष मुद्दों पर भी जल्द फैसला लेने का भरोसा दिया है। पीडीएस संचालक संघ ने इस पूरे घटनाक्रम में द सूत्र की भूमिका की भी सराहना की है।

सरकार ने जारी किए 49 करोड़

बैठक के दौरान सरकार ने राशन दुकान संचालकों की सबसे बड़ी आर्थिक मांग पर भी राहत दी। बारदाने की बकाया राशि में से 49 करोड़ रुपए तत्काल संचालकों के खातों में जारी कर दिए गए हैं। वहीं शेष करीब 165 करोड़ रुपए भी अगले 10 दिनों के भीतर जारी करने का आश्वासन दिया गया है। आर्थिक संकट से जूझ रहे संचालकों के लिए इसे बड़ी राहत माना जा रहा है। संघ का कहना है कि बकाया भुगतान शुरू होने से राशन दुकानों का संचालन सुचारु रूप से जारी रहेगा।

भुगतान को लेकर थी नाराजगी

छत्तीसगढ़ पीडीएस संचालक संघ के अध्यक्ष नरेश बाफना ने बताया कि राशन दुकान संचालक लंबे समय से दुकान संचालन, कमीशन, बारदाना भुगतान और अन्य आर्थिक मामलों को लेकर परेशान थे। कई बार शासन के सामने अपनी मांगें रखने के बावजूद समाधान नहीं निकलने पर 5 जुलाई से राशन दुकानों को बंद करने का फैसला लिया गया था। यदि हड़ताल होती तो प्रदेशभर के लाखों हितग्राहियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली से मिलने वाला राशन प्रभावित हो सकता था।

खाद्य संचालक के साथ बनी सहमति

संघ के प्रतिनिधिमंडल की खाद्य संचालक डॉ. फरिहा आलम के साथ हुई बैठक में विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण मांगों पर तत्काल सहमति बनी, जबकि अन्य लंबित मुद्दों पर जल्द निर्णय लेने का भरोसा दिया गया। संघ का कहना है कि सरकार के सकारात्मक रुख और भुगतान की शुरुआत के बाद फिलहाल आंदोलन की आवश्यकता नहीं रह गई है। हालांकि बाकी मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में भविष्य की रणनीति पर विचार किया जाएगा।

द सूत्र का संघ ने जताया आभार

संघ अध्यक्ष नरेश बाफना ने पत्र भेजकर कहा कि उनकी समस्याओं और मांगों को द सूत्र ने प्रमुखता से उठाया, जिससे सरकार तक उनकी आवाज प्रभावी ढंग से पहुंची। इसके बाद ही शासन स्तर पर बैठक के लिए बुलाया गया और समाधान की दिशा में पहल हुई। संघ ने द सूत्र का सार्वजनिक रूप से धन्यवाद और आभार व्यक्त करते हुए कहा कि खबर के सकारात्मक असर से हजारों राशन दुकान संचालकों को राहत मिली है और प्रदेश में राशन वितरण व्यवस्था भी बाधित होने से बच गई।

महत्वपूर्ण तथ्य

5 जुलाई से प्रस्तावित राशन दुकान संचालकों की हड़ताल टली।
सरकार और पीडीएस संचालक संघ के बीच सहमति बनी।
बारदाने की बकाया राशि में से 49 करोड़ रुपए जारी हुए।
शेष करीब 165 करोड़ रुपए 10 दिनों में देने का भरोसा।
हड़ताल टलने से राशन वितरण व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी।
संघ ने समस्याएं प्रमुखता से उठाने पर ‘द सूत्र’ का आभार जताया।

FAQ

छत्तीसगढ़ में राशन दुकानों की हड़ताल कब होने वाली थी?
हड़ताल 5 जुलाई से प्रस्तावित थी। सरकार से सहमति के बाद इसे स्थगित कर दिया गया।
सरकार ने संचालकों को कितनी राशि जारी की है?
सरकार ने बारदाने की बकाया राशि में से 49 करोड़ रुपए जारी किए हैं।
शेष बकाया राशि कब मिलेगी?
करीब 165 करोड़ रुपए अगले 10 दिनों में जारी करने का आश्वासन दिया गया है।

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